Share Market kya hai in hindi- शेयर बाजार क्या होता है

Share Market क्या है ? क्या आपको Share Market के बारे में पता है पता है ? अगर हाँ तो बहुत अच्छी बात है लेकिन अगर नहीं पता या Share Market के बारे में और अच्छी तरह से जानना चाहते है तो मुझे पूर्ण विस्वास है कि इस पोस्ट को पढ़ने के बाद Share Market के सम्बन्ध में कोई Doubt नहीं रह जायेगा. दोस्तों इस पोस्ट में हम समझेंगे कि Share Market क्या है Share Market कितने तरह के होते है।




साथ ही हम बात करेंगे की Share Market में कैसे निवेश करें (How to invest in Share Market), Share Market से पैसे कैसे कमाये (How to earn money from share market),इन सब के अलावा Share Market की जानकारी मिलेगी


लेकिन मेरा मानना है की हमें Share Market के बारे में बात करने से पहले हमें Share (अंश) के बारे में समझना चाहिए। इसलिए पहले हम बात करेंगे की Share (अंश) क्या है ? Share (अंश) का फेस वैल्यू क्या है ? Share (अंश) का मार्किट वैल्यू क्या है ? Share (अंश) को बेच सकता है ? Share (अंश) कौन खरीद सकता है ? हम Share (अंश) को कैसे खरीद सकते है ?



शेयर क्या है in Hindi


शेयर को हिंदी भाषा में अंशा कहा जाता है, अंश एक बड़े भाग का एक छोटा हिस्सा होता है, दूसरे शब्दो में कहे तो Share (अंश) कंपनी के कुल पूंजी का एक हिस्सा होता है, कंपनी अपना व्यवसाय शुरू करने की लिए जनता से पैसे लेती है जिसके लिए कंपनी Share (अंश) निर्गमित (Issue) करती है और जो व्यक्ति कंपनी के कुल Share (अंश) का जितना भाग खरीदता है वो कंपनी के उतने भाग का मालिक बन जाता है।

अगर हम ये कहे की Share (अंश) कंपनी के कुल मालिकाना हक़ (Ownership) का एक हिस्सा है तो इसमें कुछ गलत नहीं होगा, लेकिन यहाँ ध्यान देनी वाली बात ये है की समता अंशधारी (Equity Shareholder) ही कंपनी के वास्तविक मालिक (Owner) होते है न की पूर्वाधिकार अंशधारी (Preference Shareholder).

Section 44AD of Income Tax Act 1962 Presumptive Taxation Scheme for Business


शेयर कितने प्रकार के होते है

मुख्या रूप से Share (अंश) दो प्रकार के होते है।

1. समता अंश (Equity Share)
2. पूर्वाधिकार अंश (Preference Share)
लेकिन समता और पूर्वाधिकार अंश के कुछ उप भाग भी है जो इस प्रकार है।

समता अंश (Equity Share) दो प्रकार के होते है।

1. Equity share with voting right

2. Equity share with differential right 




पूर्वाधिकार अंश (Preference Share) की बात करे तो पूर्वाधिकार अंश 7 तरह के होते है।

1. Cumulative Preference share संचयी प्राथमिकता अंश

2. Non-Cumulative Preference share गैर संचयी प्राथमिकता अंश

3. redeemable Preference share प्रतिदेय वरीयता अंश

4. Convertible Preference share परिवर्तनीय पूर्वाधिकार अंश

5. Non-Convertible Preference share गैर परिवर्तनीय पूर्वाधिकार अंश

6. Participating Preference share


Classification of share capital



दोस्तों हमने पहले बात की, शेयर या Share (अंश) क्या होते है, और हमने जाना की Share (अंश) कंपनी के कुल पूंजी (Capital) का एक हिस्सा होता है. अब सवाल ये भी बनता है कि शेयर पूंजी (Capital) क्या है और Share Capital कितने प्रकार कहता है. कंपनी के व्यवसाय को चलाने के लिए जिस पूंजी (Capital) की अवश्यकता होती है उसे ही Share Capital कहते है, इसमें पूँजी वो भाग जो कंपनी के सुरुवात के समय लगाया जाता है तथा जो बाद में लगाया जाता है दो ही सम्मिलित होता है।

Share Capital 7 प्रकार के होते हैं।

1.     Authorized share capital

2.     Issued share capital

3.     Subscribed share capital

4.     Called up share capital

5.     Paid up share capital

6.     Unpaid share capital

7.     Reserve share capital





Stock Exchange क्या है 


वैसे तो भारत में 7 Stock Exchange है जिनमे से मुख्य दो Stock Exchange है Bombay Stock Exchange, National Stock Exchange

जिनके नाम इस प्रकार हैं।









Stock Market क्या है

Stock Market को समझने से पहले मार्केट या बाजार को समझना जरुरी है। मार्केट या बाजार वो जगह है जहाँ किसी वास्तु का क्रय विक्रय (Purchases or Sale) होता है। Stock Market वो स्थान विशेष है जहाँ Share (अंश) का क्रय विक्रय (Purchases or Sale) होता है।

अब सवाल ये उठता है की कोई भी कंपनी अपने Share (अंश) क्यूँ बेचती है। इसका जवाब है, कानून कंपनी को एक कृतिम व्यक्ति (Artificial Person) मानती है। अपना व्यवसाय (Business) करने के लिए पूँजी (Capital) की आवस्यकता होती है जिसके लिए कंपनी अपने Share (अंश) का निर्गमन (Allotment) करती है।


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जब आप किसी कंपनी का Share (अंश) खरीदते है तो आप अपनी पूंजी उस कंपनी में लगते है और कंपनी आपके पैसे से अपना business करती है तथा लाभ का एक हिस्सा लाभांश (Dividend) के रूप में आप को देती है।

Stock Market को दो भागो में बाटा जा सकता है।

1. Primary Market
2. Secondary Market




Primary Market

Nut Shell में कहे तो Primary Market वह बाजार है जहाँ Share (अंश) का पहली बार निर्गमन (Allotment) या क्रय विक्रय (Purchases or Sale) होता है।

एक सार्वजनिक क्षेत्र (Public Sector) की कंपनी IPO Process के द्वारा अपने Share (अंश) का निर्गमन कर सकती है।

कंपनी Share (अंश) का निर्गमन (Allotment) सार्वजनिक या निजी प्लेसमेंट के द्वारा कर सकती है।

अगर कंपनी 200 से अधिक लोगों को Share (अंश) का निर्गमन (Allotment) करती है तो उसे सार्वजनिक प्लेसमेंट (Public Placement) और अगर 200 से कम लोगों को Share (अंश) का निर्गमन (Allotment) करती है तो उसे निजी प्लेसमेंट (Private Placement) कहते है।

Secondary Market

Secondary Market में ऐसे Share (अंश) का क्रय विक्रय (Purchases or Sale) होता है जो कंपनी द्वारा पहले ही निर्गमित की जा चूकि है। Secondary Market में एक व्यक्ति Share (अंश) को बेचता है और दूसरा व्यक्ति Share (अंश) को खरीदता है।

Secondary Market, Stock Market का सबसे बड़ा हिस्सा है और यह stock exchange के माध्यम से काम करता है। Secondary Market में
Share (अंश) का क्रय विक्रय (Purchases or Sale) Brokers के माध्यम से होता है।




Share Market में निवेश कैसे करें


दोस्तों Share Market में निवेश कैसे करें ये एक बहुत ही विस्तृत विषय है और कोई भी व्यक्ति आप को चंद शब्दों में Share Market के सभी पहलुओं को नहीं समझा सकता है। दोस्तों अगर आप वास्तव में Share Market में निवेश करना चाहते है तो ज्यादा से ज्यादा Share Market के बारे मे पढ़े।

यहाँ मैं आप को कुछ Tips दे रहा हु जिसका इस्तेमाल आप Share Market में निवेश करते समय कर सकते है।

1. Share हमेशा लम्बी अवधि के लिए ख़रीदे।

2. वजाए एक कंपनी के, कई सारे कम्पनीयो के थोड़े थोड़े शेयर ख़रीदे।

3. शुरुवात म्यूच्यूअल फण्ड से करें।

4. कुल निवेश का कुछ हिस्सा Government Bond में लगाएं।

5. निवेश से पहले कंपनी के बारे में जानकारी लें।





Face Value और Market Value क्या है 


Share (अंश) का Face Value वह मूल्य होता है जो शेयर के निर्गमन के समय Share Certificate पर लिखा होता है, मूल रूप से Share (अंश) के Face Value का निर्धारण कम्पनी के Memorandum of Association (MOA) के द्वारा होता है, जो कंपनी के निर्माण के समय बनाया जाता है।

Share (अंश) का Market Value शेयर के Face Value से अधिक या कम हो सकता है Share के Market Value का निर्धारण Share (अंश) के मांग पर निर्भर होता है. Share (अंश) का मांग बढ़ने पर Market Value बढ़ती है और मांग घटने पर Market Value घटती है।

Notice under section 142 of Income tax Act



अंशों का निर्गमन कैसे होता है


कोई भी सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनी Share (अंश) का निर्गमन कर सकती है। कम्पनी Share (अंश) का निर्गमन केवल Stock Exchange के माध्यम से कर सकती है, कम्पनी Share (अंश)) का निर्गमन सम मूल्य पर बट्टे पर या अधिक मूल्य (At Par, Discount or Premium)  पर कर सकती है।

कम्पनी Share (अंश) का निर्गमन के लिए Prospectus निर्गमित करती है Prospectus जनता को दिया गया एक तरह का निमंत्रण पत्र होता है जिसमे Share (अंश) से सम्बंधित सभी जानकारी, कम्पनी का वृतीय ढांचा, पिछले वृतीय वर्ष का आर्थिक चिट्टा (Balance Sheet) तथा लाभ हानि खाता (Profit & Loss a/c) होती है।

Companies Act 2013 के नियमो के अनुसार कोई भी निजी क्षेत्र की कम्पनी जनता को Share (अंश) निर्गमित नहीं कर सकती है।




Equity और Preference share में क्या अंतर है

Equity share

Equity share वो share है Preference शेयर नहीं है। और Equity shareholder (समता अंश धारी ) ही कंपनी के असली मालिक हैं।

Equity shareholder (समता अंश धारी ) के पास मताधिकार (Voting right ) होता है जिसका प्रयोग अंशधारी कंपनी के meetings में करता है Equity shareholder (समता अंश धारी ) का मताधिकार (Voting right ) उनके Paid up share capital के अनुपात में होता है।

Equity shareholder (समता अंश धारी ) का लाभांश निश्चित नहीं होता है Equity shareholder (समता अंश धारी ) को लाभांश तभी मिलता है जब कंपनी लाभ कमाती है जिस वर्ष कंपनी लाभ नहीं कमाती उस वर्ष Equity shareholder (समता अंश धारी ) को कोई लाभांश नहीं मिलता है।

Preference share

Preference shareholder (पूर्वाधिकार अंश धारी) वे अंशधारी है जिनको Equity shareholder (समता अंश धारी ) से पहले लाभांश पाने का अधिकार है।

Preference shareholder (पूर्वाधिकार अंश धारी) कंपनी के वास्तविक स्वामी (Owner) नहीं होते है। Preference shareholder (पूर्वाधिकार अंश धारी) अपने मत का प्रयोग तभी कर सकते है जब इनके हितो में कोई परिवर्तन हो।

Preference shareholder (पूर्वाधिकार अंश धारी) को कंपनी के समापन के समय भी अपनी पूँजी वापस पाने का पूर्वाधिकार होता है।

कम्पनी का share (अंश) कैसे खरीदें


दोस्तों अगर आप किसी कंपनी का Share खरीदना चाहते है तो बड़े ही आसानी से निचे दिए गए Steps को follow करके खरीद सकते है।

Step:- 1 Stock Market में Share (अंश) का क्रय विक्रय Broker में माध्यम से होता है इसलिए सबसे पहले आपको एक Broker ढूढ़ना पड़ेगा। दोस्तों आप जिस भी शहर में रहते है वहाँ पता करे आपको कोई न कोई Broker जरूर मिल जायेगा ये आप Online Internet पर भी किसी Broker से संपर्क कर सकते है

Step:- 2 दूसरे चरण में आप को एक Demat account खोलना पड़ेगा इसके लिए आप अपने बैंक से संपर्क कर सकते है जिस भी बैंक में आप का खाता हो। या आप अपने Broker से संपर्क करके भी Demat Account खुलवा सकते है 


Step:- 3 अगले चरण में आप अपने Demat Account में पैसे जमा करेंगे जिससे की आप बाद में शेयर खरीद पाए

Step:- 4 अपने Demat account में पैसे जमा करने के बाद आप जिस भी कंपनी का शेयर खरीदना चाहते है उस कंपनी और उसके शेयर के बारे में साडी जानकारी ले लें।

Step:- 5 अंतिम चरण में आप अपने Demat account से उस कंपनी का शेयर खरीद लें।

दोस्तों मुझे उम्मीद है कि Share Market क्या है आपको अब अच्छे से समझ आ गया होगा। दोस्तों आपको अगर पोस्ट पसन्द आयी हो तो कमेंट जरूर करें।







Share Market kya hai in hindi- शेयर बाजार क्या होता है Share Market kya hai in hindi- शेयर बाजार क्या होता  है Reviewed by Unknown on February 12, 2019 Rating: 5

2 comments:

  1. https://www.onlinehelphub.com/2019/02/Jammu-Kashmir-article-370-Constitution-of-india.html?m=1

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